नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड पहुंचे. उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे, लेकिन मुलाकात औपचारिक रही. दोनों नेताओं के बीच कोई अहम बातचीत नहीं हो सकी.
आरसीपी सिंह अपने समर्थकों के साथ बैठक कक्ष में काफी देर तक इंतजार करते रहे. बाद में नीतीश कुमार वहां पहुंचे. दोनों के बीच अभिवादन हुआ और नीतीश कुमार बिना कोई खास बातचीत किये चले गये. इसके बाद आरसीपी सिंह भी अपने समर्थकों के साथ बाहर निकले. इस मुलाकात की तस्वीर खुद आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है.
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समर्थकों में नाराजगी
आरसीपी सिंह के समर्थकों का आरोप है कि एमएलसी संजय गांधी और ललन सर्राफ की वजह से दोनों नेताओं के बीच विस्तृत बातचीत नहीं हो सकी. जैसे ही आरसीपी सिंह आवास से बाहर निकले, उनके समर्थकों ने संजय गांधी और ललन सर्राफ के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. समर्थकों ने कहा कि ये दोनों नेता नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के बीच बातचीत नहीं होने दे रहे हैं.
पुरानी यादें और भविष्य की अटकलें
आरसीपी सिंह एक समय जेडीयू के ताकतवर नेता माने जाते थे. पार्टी संगठन की कमान उनके हाथ में थी और नीतीश कुमार को उन पर पूरा भरोसा था. 2019 में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया, लेकिन बाद में धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरियां बढ़ती गईं। दो बार राज्यसभा सांसद रहने के बाद तीसरी बार टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने जेडीयू से दूरी बना ली.
इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या आरसीपी सिंह एक बार फिर जेडीयू में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे. हालांकि, कई नेता आज की बैठक को महज औपचारिक बता रहे हैं तो कुछ इसे भविष्य की रणनीति से जोड़ रहे हैं. नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की इस संक्षिप्त मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं. क्या ये मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार थी या भविष्य में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने वाला है, ये तो वक्त ही बताएगा. फिलहाल दोनों नेताओं के बीच दूरियां साफ नजर आ रही हैं.
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