बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह से तैयार है. संभावना है कि इस साल सितंबर के आखिरी और अक्टूबर के पहले हफ्ते में चुनाव हो सकते हैं. कहा जा रहा है कि पंचायत चुनाव 8 या 9 चरणों में कराए जा सकते हैं. चुनाव आयोग ने सबसे पहले फॉर्म-1 तैयार करना शुरू किया, जिसमें जनगणना 2011 के तहत पंचायत के परिसीमन और आबादी के आधार पर आरक्षण तय करना था.
राज्य चुनाव आयोग ने इसके लिए 15 जून की समय सीमा तय की थी। इसे 20 जून को जिला राजपत्र में प्रकाशित किया गया था और जिला राजपत्र की एक प्रति मंगलवार (23 जून) को राज्य चुनाव आयोग को सौंप दी गई है। अब जो लोग यह जानने के इच्छुक हैं कि हमारी पंचायत में किस जाति के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं, क्या आरक्षण है, उन्हें अब इस संबंध में पूरी जानकारी मिल जाएगी।
जल्द ही पंचायत आरक्षण रोस्टर तैयार हो जायेगा
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, राज्य आयोग से जिला गजट प्रकाशन की प्रति मिलने के बाद बहुत जल्द पंचायत में आरक्षण रोस्टर तैयार कर जारी कर दिया जायेगा. उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि इस जून के अंत तक सभी पंचायतों की आरक्षण सूची जारी कर दी जायेगी क्योंकि यह जनसंख्या पर आधारित है और फॉर्म-1 में जनसंख्या की कॉपी मिल गयी है.
पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण रोस्टर में होगा बदलाव!
आपको बता दें कि पिछले दो चुनावों से आरक्षण रोस्टर में कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस बार पंचायत चुनाव 2026 के आरक्षण रोस्टर में बदलाव होने जा रहे हैं। रोटेशन का सीधा सा मतलब है कि जो सीटें पिछले चुनाव में किसी विशेष वर्ग (जैसे एससी, एसटी, ओबीसी या महिला) के लिए आरक्षित थीं, इस चुनाव में उनका आरक्षण बदल जाएगा। अगर किसी ब्लॉक में 10 पंचायतें हैं तो पांच में सीधे आरक्षण लागू होगा, इस तरह पांच सीटों का चक्र बदल जाएगा.
2016 और 2021 के पंचायत चुनाव में आरक्षण रोस्टर एक ही था.
पंचायती राज नियमों के मुताबिक हर दो चुनाव यानी 10 साल बाद आरक्षण चक्र पूरी तरह बदल जाता है. उदाहरण के तौर पर अगर 2016 और 2021 के पंचायत चुनाव में एक ही आरक्षण रोस्टर था, तो इस साल 2026 के पंचायत चुनाव में नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाना है. इसके चलते कई पुरानी आरक्षित सीटों को सामान्य और सामान्य सीटों के रूप में आरक्षित किया जाना है, इसकी जानकारी जल्द ही राज्य चुनाव आयोग पंचायत बार द्वारा साझा की जाएगी.
हर बार की तरह इस बार भी 6 पदों के लिए पंचायत चुनाव होंगे.
हर बार की तरह इस बार भी 6 पदों के लिए चुनाव होंगे. पिछली बार की तरह इस बार भी पंचायत चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे. वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, ग्राम कचहरी पंच और सरपंच सभी छह पदों के लिए चुनाव होंगे और सभी पदों के लिए आरक्षण में बदलाव किया गया है.
50% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी लेकिन महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें भी चक्रानुक्रम में बदली जाएंगी। अगर किसी वार्ड या पंचायत में मुखिया का पद महिला सामान्य के लिए था, तो इस बार वह पद पुरुष सामान्य या किसी अन्य वर्ग की महिला के पास जाने की उम्मीद है. कुल मिलाकर 2026 के पंचायत चुनाव में नजारा अलग होगा.
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