बिहार शिक्षक स्थानांतरण नीति: बिहार के शिक्षकों के तबादले के लिए एसओपी जारी, 5 साल की बाध्यता हटाई गई

​बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और प्रधानाध्यापकों के हित में शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने ‘शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026’ को लागू करने के लिए एसओपी (दिशानिर्देश) जारी कर दी है. इस नए आदेश के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन की पूरी प्रक्रिया को बेहद आसान, पारदर्शी और शिक्षक-अनुकूल बनाया गया है. इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से 21 जुलाई को पत्र जारी किया गया है, जो अब सामने आया है.

सबसे बड़ी राहत यह है कि पहली बार आवेदन करने के लिए न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि की कड़ी शर्त को पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिससे अब कम सेवा अवधि वाले शिक्षक भी अपनी पसंद के स्कूल के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही पिछले 2 वर्षों के भीतर स्थानांतरित हुए शिक्षक भी इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र माने जाएंगे।

30 स्कूलों को चुनने का मौका मिलेगा

​स्थानांतरण की यह संपूर्ण प्रक्रिया विभागीय पोर्टल ‘ई-शिक्षाकोष’ के माध्यम से 100% ऑनलाइन मोड में पूरी की जाएगी। शिक्षकों को रिक्त पदों की सूची देखने और अपनी सुविधा के अनुसार अधिकतम 30 स्कूलों की प्राथमिकता (वरीयता क्रम) चुनने का मौका मिलेगा। जो शिक्षक अपने जिले या मंडल से बाहर स्थानांतरण चाहते हैं, वे पोर्टल पर 5 जिलों या मंडलों का विकल्प चुन सकेंगे। विभाग पहले सरप्लस शिक्षकों का समायोजन करेगा, उसके बाद पारस्परिक और अंत में सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जायेगी.

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बिना इच्छा के जबरन स्थानांतरण नहीं

इस प्रक्रिया में वरिष्ठ, महिला एवं दिव्यांग शिक्षकों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है। 31 मार्च 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी करने वाले शिक्षकों का उनकी इच्छा के बिना जबरन स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। समान अंक आने पर महिला शिक्षकों को उनके गृह ब्लॉक के आधार पर तथा पुरुष शिक्षकों को उनके गृह जिले के आधार पर प्राथमिकता दी जायेगी।

इसके अलावा गंभीर बीमारी या विकलांगता से पीड़ित शिक्षकों को सक्षम मेडिकल बोर्ड के प्रमाणपत्र के आधार पर नियमानुसार प्राथमिकता मिलेगी. संपूर्ण सेवा अवधि की गणना के लिए कट-ऑफ डेट 31 मार्च 2026 तय की गई है, जबकि प्रोबेशन अवधि के दौरान कार्यरत शिक्षक फिलहाल आवेदन नहीं कर सकेंगे. शिक्षा विभाग के इस सराहनीय कदम से प्रदेश भर के शिक्षकों में काफी उत्साह और खुशी का माहौल है.

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