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भरत तिवारी एनकाउंटर: एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी, जन सुराज की सम्राट सरकार से बड़ी मांग

भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में भारत भूषण तिवारी. (भारत भूषण तिवारी) जन सुराज पार्टी की मौत के मामले में (जन सुराज पार्टी) शुक्रवार (जून 19, 2026) को प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एनडीए का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिला. परिवार की बात सुनी. जानिए घटना के बारे में.

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जिस तरह से एक सामाजिक कार्यकर्ता की कथित मुठभेड़ में मौत हुई है, वह दुखद और निंदनीय है. भरत तिवारी वर्षों से जनसमस्याओं को मजबूती से उठाते रहे हैं। जन कल्याण के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्ति की इस तरह से मौत होना गंभीर चिंता का विषय है।

सरकारी नौकरी के साथ मिला मुआवजा

उन्होंने सरकार से मांग की कि भरत तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जाये. जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए. साथ ही कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारियों को जांच पूरी होने तक निलंबित किया जाए. उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की.

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‘पुलिस प्रशासन निष्पक्षता से कार्रवाई करने में विफल’

जन सुराज के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने कहा कि पुलिस-प्रशासन मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई करने में विफल रही है. अगर समय रहते निष्पक्ष जांच की गई होती तो शायद भरत तिवारी आज जिंदा होते. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

इस मौके पर जन सुराज नेता मनीष कश्यप भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि पूरी घटना पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. थानाध्यक्ष का निलंबन भी कई सवालों को जन्म देता है. उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और भरत तिवारी की याद में एक स्मारक बनाने की मांग की.

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