भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में हुए चर्चित भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है. रविवार (21 जून) को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजेश कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल बेलौती गांव पहुंचा. यहां नेताओं ने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली. बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गांव पहुंचकर भरत तिवारी के परिजनों और स्थानीय लोगों से बात की. नेताओं ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से भोजपुर, बक्सर और रोहतास जिले के कांग्रेस नेताओं की एक जांच टीम बनाई गई है, जिसे बेलौती भेजा गया है.
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उन्होंने बताया कि टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों, स्थानीय लोगों और परिजनों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी जुटायी. जांच टीम अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी.
राजेश कुमार ने कहा कि भरत तिवारी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि वे बाढ़ और विस्थापन की समस्या से जूझ रहे लोगों की आवाज बनकर उभरे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी जवनिया क्षेत्र के विस्थापितों और कमजोर वर्ग के लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने सरकार और प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा कि भरत तिवारी सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय थे और लगातार लोगों की समस्याओं को सामने लाने का काम कर रहे थे.
सरकार और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
राजेश कुमार ने कहा कि बिहार में ऐसा माहौल बना दिया गया है, जहां सरकार से सवाल पूछने वालों को दबाने की कोशिश की जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जो व्यक्ति भ्रष्टाचार या जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाता है, उसे झूठे मुकदमे में फंसा दिया जाता है या प्रताड़ित किया जाता है.
उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की हत्या भी एक संगठित साजिश का हिस्सा लगती है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. कांग्रेस का कहना है कि पूरे मामले में कई सवाल हैं जिनके जवाब अभी तक नहीं मिल पाए हैं.
परिवार पर दर्ज मुकदमों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि घटना के बाद पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय देने के बजाय उनके खिलाफ मामले दर्ज किये गये. राजेश कुमार ने भरत तिवारी की मां, पिता और परिवार के अन्य सदस्यों पर मुकदमा दर्ज किये जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
उन्होंने कहा कि मृतक के पिता को घंटों हिरासत में रखा गया, जबकि परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकत से कई सवाल खड़े होते हैं और परिवार का दर्द बढ़ गया है.
राजेश कुमार ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति पर कोई आरोप था तो इसका फैसला कानून और अदालत को करना चाहिए था. किसी को भी किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है.
उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं, जिसका जवाब सरकार और प्रशासन को देना होगा. कांग्रेस का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी.
मुकदमे वापस लेने और न्यायिक जांच की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग की कि भरत तिवारी के परिजनों पर दर्ज मुकदमे वापस लिये जाएं. साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच करायी जाये.
उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आने वाले समय में जनता सरकार से जवाब मांगेगी. कांग्रेस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.
राहुल गांधी ने भी ली जानकारी
राजेश कुमार ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मामले की जानकारी ली है और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि पार्टी हर स्तर पर परिवार की मदद करेगी और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी.
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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिन सामाजिक मुद्दों और विस्थापितों के अधिकारों के लिए भरत तिवारी संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें दबाया नहीं जा सकता. पार्टी इस मुद्दे को प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उठाने का काम करेगी.
बेलौती गांव में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है. विपक्षी दल लगातार घटना की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन कह रहा है कि मामले की जांच जारी रहेगी.





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