भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर नीतीश कुमार की पार्टी ने बड़ा बयान दिया है. जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भरत तिवारी के एनकाउंटर के मुद्दे पर कहा कि बिहार सरकार कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करेगी.
राजीव रंजन ने कहा, “भरत तिवारी मुठभेड़ मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है… मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे, इसलिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, ताकि तथ्यों के आधार पर किसी निष्पक्ष नतीजे पर पहुंचा जा सके.”
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर
आपको बता दें कि भारत भूषण तिवारी का एनकाउंटर भोजपुर के बिलौटी गांव में हुआ था. इसके बाद वकील विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की. इस याचिका में मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए अदालत से इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है.
कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया
याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में की जानी चाहिए. हालाँकि, सोमवार (22 जून, 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
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वहीं, जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर की टिप्पणी पर राजीव रंजन ने कहा कि कांग्रेस अक्सर अपने ही नेता थरूर के बयानों को स्वीकार नहीं कर पाती है. कांग्रेस में होने के बावजूद थरूर सबसे पहले एक राष्ट्रवादी नेता हैं और जब भी उन्होंने राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की है, तो कई कांग्रेस नेता असहज दिखे हैं।
पार्टी संगठन को लेकर राजीव रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार को जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है, जिस पर राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई. उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं का मानना है कि निशांत कुमार में अपार संभावनाएं हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी आने वाले तीन से चार दशकों तक मजबूत और सुरक्षित रह सकती है.
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