बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल लगातार बढ़ती जा रही है. इसी सिलसिले में रविवार (21 जून) को बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे. उन्होंने भरत तिवारी के माता-पिता और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। साथ ही इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया.
परिवार से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए अवधेश नारायण सिंह ने कहा, ”मैं इसी इलाके का रहने वाला हूं और एक पड़ोसी और सामाजिक व्यक्ति होने के नाते परिवार के दुख में शामिल होने आया हूं. जवान बेटे की मौत पूरे परिवार के लिए असहनीय दर्द है और दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ खड़े हैं.”
‘भरत के माता-पिता पर टूटा दुखों का पहाड़’
चेयरमैन ने कहा, “परिवार का एक जवान बेटा चला गया है. माता-पिता पर जो दुख आया है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता. हम यहां उन्हें यह एहसास दिलाने आए हैं कि इस दुख में हम भी उनके साथ हैं.” हालांकि, उन्होंने अपनी संवैधानिक स्थिति का हवाला देते हुए मामले के तथ्यों पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया. उन्होंने कहा कि वे गांव में जो कुछ देख-सुन रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी मुख्यमंत्री को देंगे.
जांच की समय सीमा तय की जाए-अवधेश नारायण सिंह
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नियुक्त करना एक सकारात्मक कदम है. जांच निष्पक्ष एवं समयबद्ध होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा, “सरकार ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को जांच की जिम्मेदारी दी है, यह एक अच्छा कदम है। लेकिन मेरी राय है कि जांच की समय सीमा तय की जानी चाहिए और रिपोर्ट जल्द से जल्द सामने आनी चाहिए। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध करूंगा।”
सीबीआई जांच की मांग को लेकर क्या बोले अवधेश नारायण सिंह?
सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि गांव के कई लोगों ने उनके सामने यह मांग रखी है. उन्होंने कहा, “सीबीआई जांच की मांग को लेकर मैं मुख्यमंत्री से भी चर्चा करूंगा. लेकिन जब न्यायिक जांच पहले से ही चल रही है तो उसकी रिपोर्ट आने दी जानी चाहिए. आखिर न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना जरूरी है.”
परिवार और ग्रामीणों की मांगों को सरकार के सामने रखेंगे- चेयरमैन
मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने और परिजनों पर कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा, ”हमने परिजनों और ग्रामीणों की सारी बातें सुनी हैं और इन बिंदुओं को सरकार के सामने भी रखेंगे.” उन्होंने भरत तिवारी के मोबाइल फोन पर हुए विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “गांव के लोगों ने बताया कि परिवार को अभी तक मोबाइल नहीं मिला है. मैं इस संबंध में भी जानकारी लूंगा और मुख्यमंत्री से चर्चा करूंगा.”
भरत तिवारी के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं- चेयरमैन
उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की मौत से जुड़े कुछ दस्तावेज और तस्वीरें भी उन्हें दिखाई गई हैं, जिन्हें वह संबंधित स्तर पर रखेंगे ताकि जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा सके. परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर उपसभापति ने कहा, “परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. मैं सरकार से मदद दिलाने की कोशिश करूंगा. अगर जरूरत पड़ी तो व्यक्तिगत तौर पर भी मदद करूंगा.”
साथ ही उन्होंने बिहार की पुलिस व्यवस्था और पुलिसिंग मॉडल पर पूछे गए सवाल पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि चूंकि वह एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए जांच पूरी होने से पहले वह इस विषय पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करना चाहते.
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