पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने शनिवार (जून 20, 2026) को भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की. परिजनों से घटना की जानकारी ली, उन्हें सांत्वना दी और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया.
सीएम सम्राट चौधरी के इस मामले की न्यायिक जांच की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए आरके सिंह ने बड़ी मांग की और कहा कि हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज से जांच कराने का सरकार का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन जांच अनिश्चित काल तक नहीं चलनी चाहिए.
पत्रकारों से बात करते हुए आरके सिंह ने कहा कि वीडियो देखने के बाद प्रथम दृष्टया यह पुलिस मुठभेड़ का नहीं बल्कि हत्या का मामला लग रहा है. उन्होंने कहा कि अगर जांच में पुलिसकर्मियों की कोई गलती सामने आती है तो उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
‘लोगों ने हमें वीडियो भेजे…’
आरके सिंह ने कहा, “लोगों ने हमें वीडियो भेजा… लाइव वीडियो में हमने देखा कि लड़का कुछ बात कर रहा है और उसके हाथ में पिस्तौल है. इसके बाद वह पुलिस की तरफ पिस्तौल फेंकता है… इसके बाद वह कहता है, ‘ठीक है, हमें ले चलो.’
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पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भरत तिवारी सिर्फ निजी कारणों से सक्रिय नहीं थे, बल्कि वे अपने क्षेत्र के कई सामाजिक मुद्दों को उठा रहे थे. सामाजिक मुद्दे उठाने वाले युवक की मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब जांच से आना चाहिए.
उन्होंने कहा, “न्यायिक जांच अच्छी बात है, लेकिन यह छह महीने या एक साल तक नहीं चलनी चाहिए. जांच अधिकतम 30 से 60 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए. न्याय तभी सार्थक होगा जब सच्चाई समय पर सामने आएगी.”
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