मुहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पटना जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा की व्यापक तैयारी की गयी है. पटना के 351 संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बलों की तैनाती की गयी है. इनमें पटना सदर अनुमंडल में 55, पटना सिटी में 75, दानापुर में 78, बाढ़ में 41, मसौढ़ी में 47 और पालीगंज में 55 स्थान शामिल हैं.
उपद्रवी तत्वों पर कार्रवाई का निर्देश
अधिकारियों को विशेष रूप से सतर्क और भ्रमणशील रहने को कहा गया है. साथ ही इंटरनेट मीडिया पर नजर रखने, अफवाहों का तुरंत खंडन करने और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना अनुमति कोई जुलूस नहीं निकलेगा
जानकारी के मुताबिक शहर के 11 थाना क्षेत्रों से कुल 31 जुलूस निकाले जायेंगे. इसके लिए सभी आयोजकों को लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं. निर्धारित रूट के अनुसार ही जुलूस निकालने की अनुमति दी गयी है. जुलूस मार्ग पर 17 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है जहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है. जुलूस की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी.
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पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी अनिवार्य है। पुलिस अधिकारियों को हर जुलूस को टैग करने और एस्कॉर्ट करने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन ने मुहर्रम के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही लाउडस्पीकर बजाने की इजाजत दी गई है.
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चार त्वरित प्रतिक्रिया टीमें बनाई गई हैं। मुहर्रम के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग की ओर से विशेष एडवाइजरी जारी की गयी है. विभाग ने जुलूस आयोजकों से अपील की है कि वे ताजिया, झंडे और अन्य ऊंची संरचनाओं को बिजली के तारों, खंभों और ट्रांसफार्मर से सुरक्षित दूरी पर रखें।
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