मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (जून 17, 2026) को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगी. इसमें एक विशेष योजना के तहत यह निर्णय लिया गया कि सरकार बिहार के नागरिकों को सिंधु दर्शन करायेगी.
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
सिंधु दर्शन के लिए विशेष योजना तैयार की गई है. इसे बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसके तहत 18 साल या उससे अधिक उम्र के लोग इसका लाभ उठा सकते हैं। हर साल अधिकतम 100 लोगों को इस यात्रा पर ले जाया जाएगा.
राज्य का मूल निवासी होना चाहिए
जानकारी दी गई कि इसके लिए व्यक्ति को राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है. तीर्थयात्रा पूरी करने के बाद यात्रा व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति तीर्थयात्री प्रतिपूर्ति अनुदान के रूप में दिया जाएगा।
सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा योजना क्या है? (सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना)
यानी अगर सरल शब्दों में समझा जाए तो सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता योजना के तहत बिहार के मूल निवासी लद्दाख जाकर सिंधु नदी की यात्रा कर सकेंगे और सरकार से आर्थिक सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे. इसे एक मजेदार प्लान कहा जा सकता है.
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हेलीकाप्टर द्वारा पर्यटन स्थलों का भ्रमण करें
वहीं, आप हेलीकॉप्टर से भी राज्य के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री बिहार हेली पर्यटन सेवा योजना 2026 को मंजूरी दे दी गयी है. इसके तहत पहले चरण में वाल्मिकीनगर (पश्चिमी चंपारण), मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) और राजगीर (नालंदा) को शामिल किया गया है.
वाल्मिकीनगर के लिए सरकारी विमान तथा कैमूर एवं राजगीर के लिए किराये के 6+2 सीटर श्रेणी के हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जायेगा. इस योजना का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों को पर्यटन पैकेज का चयन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, पटना शहर के क्षितिज का हवाई दृश्य प्रदान करने के लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर जॉय राइड का संचालन किया जाएगा। पैसों की बात करें तो आपको प्रति सीट 2100 रुपये चुकाने होंगे।
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