भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान एक बार फिर बौखला गया है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था, जिसका साफ असर पाकिस्तान पर पड़ा था. खास बात ये है कि इसे लेकर पाकिस्तान की ओर से अब भी कई बयान आते रहते हैं. पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने दहाड़ते हुए कहा कि देश को पानी का जायज हिस्सा दिलाने के लिए वे हर कदम उठाएंगे.
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की अध्यक्षता में 276वीं कोर कमांडर कॉन्फ्रेंस में यह संकल्प लिया गया कि सरकार के निर्देशों और पाकिस्तान के लोगों की अपेक्षाओं के अनुसार देश में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
बैठक में 24 अप्रैल 2025 को हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बैठक के निर्देशों की भी पुष्टि की गयी. उस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने या मोड़ने की कोई भी कार्रवाई युद्ध की कार्रवाई मानी जाएगी। वर्तमान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए, कोर कमांडरों ने पाकिस्तान सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता, पेशेवर दक्षता और युद्ध की तैयारी पर संतोष व्यक्त किया।
अफगानिस्तान और तालिबान को लेकर क्या हुआ?
बैठक में यह भी कहा गया कि अफगान तालिबान के नियंत्रण वाले इलाकों का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन पाकिस्तान में हमले करने के लिए कर रहे हैं, जिस पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई.
गौरतलब है कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक कदम उठाए थे. इन कदमों में सबसे प्रमुख कदम 1960 की सिंधु जल संधि का निलंबन था, जिसके तहत सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और उपयोग का प्रावधान था।
इनपुट- पीटीआई
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