केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार (जुलाई 03, 2026) को एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की है। इस मुलाकात पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि जो चिराग करते हैं, क्या हम भी वही करेंगे? हमारा मानना है कि पुलिस ने जो कार्रवाई की वह सही थी, नहीं तो पुलिस की हत्या हो गयी होती.
मांझी ने कहा, “न्यायिक जांच बैठा दी गई है और अभी इस पर बात करना उचित नहीं है, लेकिन हम कहते हैं कि अगर वह लड़का (भरत तिवारी) ठीक था, तो उसके खिलाफ एससी-एसटी का मामला क्यों दर्ज किया गया? दूसरी बात, अगर वह रिवॉल्वर दिखा रहा था, तो क्या वह लाइसेंसी था? तीसरी बात, अगर पुलिस को मारना ही था तो खोपड़ी में गोली मारता…सीने में गोली मारता, पुलिस ने कमर के नीचे गोली मारी, उसका (भरत तिवारी) मरना अलग बात है…”
डीएसपी राजेश शर्मा की पोस्टिंग पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, “किसी के खिलाफ एफआईआर होना और सजा होना दो बातें हैं. न्यायिक जांच चल रही है. दोषी साबित होने पर कार्रवाई होगी.”
चिराग पर जेडीयू ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के भरत तिवारी के घर जाने पर जेडीयू विधायक श्याम रजक ने कहा, “किसी के परिवार में जाना सहानुभूति और शोक है. एक राजनीतिक व्यक्ति न केवल राजनीति में बल्कि सहानुभूति और सामाजिक कार्यों में भी शामिल होता है. चिराग पासवान एनडीए के प्रमुख नेता हैं, इसके साथ ही वह अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं… बिहार में कोई भी घटना घटती है, किसी को तकलीफ होती है, वह इसे लेकर काफी सचेत रहते हैं…”
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वहीं, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने भारत भूषण तिवारी मामले पर कहा, “कानून अपना काम कर रहा है. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. सरकार इस पर काम कर रही है, कौन दोषी है और कौन निर्दोष है, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है. चूंकि जांच हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में हो रही है, इसलिए सभी को, चाहे वह नेता हों, पार्टी कार्यकर्ता हों या कोई और, थोड़ा धैर्य रखना चाहिए.”
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