घुटनों पर पाकिस्तान! पीओके में प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते हुए शाहबाज-मुनीर के दूतों ने समय मांगा

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एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित

  • PoK में मुजफ्फराबाद मार्च 21 जुलाई तक स्थगित.
  • पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के बाद मार्च स्थगित कर दिया.
  • बिलावल भुट्टो ने मार्च ख़त्म किया और सुलह आयोग का सुझाव दिया.
  • कुछ नेताओं ने आज़ादी की लड़ाई पर ज़ोर दिया।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलकोट में 37 दिनों तक चले विद्रोह के तहत बुधवार (15 जुलाई, 2026) को राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर लाखों प्रदर्शनकारियों का मार्च 21 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह मार्च ऐसे समय स्थगित किया गया है, जब पुंछ डिवीजन के विभिन्न शहरों से लोग मंगलवार (14 जुलाई, 2026) की रात और बुधवार (15 जुलाई) की सुबह 8 बजे तक रावलकोट पहुंचना शुरू कर चुके थे। मुजफ्फराबाद मार्च के लिए 1.5 लाख से ज्यादा लोग पीओके के रावलकोट पहुंचे थे. इसके साथ ही कोटली और बाग से समूह मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ गए थे.

प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचा पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार (14 जुलाई) की दोपहर को अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के सदस्य उमर नजीर ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) प्रमुख बिलावल भुट्टो को पत्र लिखकर बुधवार (15 जुलाई) को होने वाले मार्च की जानकारी दी थी और बताया था कि कैसे पीओके में पीपीपी की कठपुतली सरकार ने पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स के साथ मिलकर पीओके के लोगों पर अत्याचार और जुल्म ढाए. जिसके बाद बुधवार दोपहर को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बिलावल भुट्टो के पत्र के साथ बातचीत करने के लिए हेलीकॉप्टर से रावलकोट पहुंचा और विरोध प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों से बात की.

बिलावल भुट्टो ने पत्र में प्रदर्शनकारियों से क्या कहा??

बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारियों को बिलावल भुट्टो का पत्र भी सौंपा गया, जिसे बिलावल भुट्टो ने एक्स पर पोस्ट भी किया था। इसमें बिलावल भुट्टो ने प्रदर्शनकारियों से 37 दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन और मुजफ्फराबाद मार्च को खत्म करने की अपील की और प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह एक सत्य और सुलह आयोग बनाने का प्रस्ताव रखते हैं, जो हाल की घटनाओं, पुराने समझौते के कार्यान्वयन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले और संगठन पर प्रतिबंध पर निष्पक्ष निर्णय लेगा।

आसिम मुनीर के खास ने प्रदर्शनकारियों से बात की

इसके अलावा मंगलवार (14 जुलाई) की रात पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख असीम मुनीर के सहयोगी पाकिस्तान ओवरसीज फाउंडेशन (पीओएफ) के प्रमुख सैयद कमर रजा ने सबसे पहले उमर नजीर से बात की और कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों का पत्र असीम मुनीर को तब दिया था जब वह तुर्की में थे.

जिसके बाद उमर नज़ीर के मुताबिक, सैयद क़मर रज़ा ने उन्हें बताया कि असीम मुनीर ने क़मर रज़ा को बातचीत के लिए आदेश दिया और उन्हें पीओके भेजा, जहां क़मर रज़ा ने प्रदर्शनकारियों से अलग से बात की। ऐसे में अवामी एक्शन कमेटी ने घोषणा की कि पाकिस्तान सरकार को उनकी मांगों पर विचार करने के लिए कुछ और समय देना चाहिए और इसके बाद बुधवार (15 जुलाई) को होने वाला मुजफ्फराबाद मार्च स्थगित कर दिया गया.

विरोध करने वाले चार प्रमुख नेताओं की अलग-अलग सोच

हालांकि, जानकारी के मुताबिक, आंदोलन के दो मुख्य आयोजक सरदार अमन खान और सरदार जावेद इकबाल बुधवार को प्रदर्शनकारियों के नेताओं के साथ असीम मुनीर के कथित दूत कमर रजा और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की बैठक में शामिल नहीं हुए. क्योंकि इन दोनों के अनुसार यह विद्रोह अब 38 मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज़ादी की लड़ाई है।

साथ ही विरोध प्रदर्शन के चार मुख्य आयोजकों में से दो आयोजक शौकत नवाज़ मीर और सरदार उमर नज़ीर हमेशा से पाकिस्तान प्रेमी रहे हैं, लेकिन अन्य दो मुख्य आयोजक सरदार अमन खान और ख्वाजा मेहरान पीओके को पाकिस्तान से अलग करने के पक्ष में रहे हैं.

इसका उदाहरण आज एक बार फिर मंच पर देखने को मिला, जहां सरदार अमन खान ने एक बार फिर मंच से ‘ये वतन हमारा है’ का नारा लगाया और कहा कि यह नारा पीओके में बैठे पाकिस्तान समर्थक लोगों और पाकिस्तान के मंत्रियों को आहत करता है.

इसी तरह ख्वाजा मेहरान ने मंच से पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया और सरदार उमर नजीर ने दावा किया कि उन्होंने बुधवार का मार्च इसलिए रोका ताकि पीओके में खून-खराबा न हो. पाकिस्तान सेना द्वारा अभी तक पीओके में मारे गए लोगों के शव न सौंपने और पीओके में 200 से ज्यादा लोगों को जबरन लापता किए जाने पर सरदार उमर नजीर ने कहा कि पीओके में 37 दिनों से चल रहे सभी विरोध प्रदर्शन यथावत जारी रहेंगे. साथ ही पीओके में पाकिस्तानी रेंजर्स की फायरिंग में अब तक 73 लोगों की मौत हो चुकी है.

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