बिहार में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राजधानी पटना में मुख्यमंत्री आवास, सचिवालय और गया के पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी एक ईमेल के जरिए दी गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता अलर्ट मोड पर आ गया और सघन चेकिंग अभियान चलाया गया.
जानकारी के मुताबिक, यह धमकी भरा ईमेल रविवार (19 जुलाई) सुबह 7.57 बजे ग्रामीण विकास विभाग और बिहार भवन को भेजा गया था. इस ईमेल में दोनों जगहों पर बम धमाकों का समय भी बताया गया था.
- 3:11 बजे: सचिवालय में बम धमाके की पहली चेतावनी.
- 9:11 बजे: मुख्यमंत्री कार्यालय और आवास को बम से उड़ाने की धमकी.
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खालिस्तान कनेक्शन और निज्जर की मौत का बदला
ईमेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं और कुछ अधिकारियों का नाम लेकर धमकी दी गई है. भेजने वाले ने कनाडा में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की मौत का बदला लेने की बात कही है. ईमेल में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूर्व उच्चायुक्त संजय वर्मा को पटना के सीएम आवास में छिपाकर रखा गया है और उन्हें ही निशाना बनाने के लिए यह विस्फोट किया जाएगा.
गया पासपोर्ट कार्यालय को भी आईईडी से उड़ाने की धमकी दी गई है
पटना के साथ-साथ गया जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है. ईमेल के जरिए यह भी कहा गया कि गया प्रधान डाकघर परिसर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को आईईडी से उड़ा दिया जाएगा. जैसे ही इसकी सूचना पटना पासपोर्ट के क्षेत्रीय कार्यालय को मिली तो सीनियर पोस्टमास्टर ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी. सिविल लाइन थाना पुलिस, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और पूरे परिसर को घेरकर गहन जांच की। हालांकि जांच के दौरान कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है.
सिविल लाइन थाना प्रभारी शमीम अहमद ने बताया, ”पोस्ट ऑफिस से बम की धमकी की सूचना मिली, जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम के साथ गहन जांच की जा रही है.”
इस बीच, सीनियर पोस्टमास्टर अधीक्षक प्रणव कुमार झा ने कहा, ”हमें इस धमकी भरे ईमेल की जानकारी पटना पासपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय से मिली थी, जिसके बाद बिना किसी देरी के स्थानीय पुलिस और प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है.”
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हैं. ईमेल की प्रामाणिकता और उसे भेजने वाले की पहचान का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद से गहन जांच की जा रही है।
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