पटना-वैशाली जिले की सीमा पर स्थित कच्ची दरगाह गंगा घाट पर सोमवार की सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. गंगा में नहाते समय तीन महिलाएं तेज धारा में बह गईं। स्थानीय लोगों की त्वरित मदद से एक महिला को बचा लिया गया, जबकि दो अन्य अभी भी लापता हैं। घटना से शादी का माहौल मातम में बदल गया है।
परिजनों के मुताबिक रविवार को कच्ची दरगाह निवासी विनय कुमार के घर में शादी समारोह चल रहा था। घर रिश्तेदारों से भरा हुआ था. सोमवार की सुबह करीब छह बजे रायबाग निवासी मीना देवी (60 वर्ष), कालादियार महाजी निवासी सरस्वती देवी (65 वर्ष) और उनकी बहू रंजीता देवी (32 वर्ष) गंगा स्नान करने घाट पर पहुंचीं. ढलान पर पैर फिसलने से तीनों महिलाएं गहरे पानी में गिर गईं। एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में वे तेज धारा में बहने लगे।
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नाविक और युवक कूद पड़े, एक को बचा लिया
घाट पर मौजूद नाविक और स्थानीय युवक तुरंत नदी में कूद गये. काफी मशक्कत के बाद बहू रंजीता देवी को सुरक्षित बाहर निकाला गया. ज्यादा पानी पीने के कारण उनकी हालत गंभीर है. उन्हें तुरंत कच्ची दरगाह के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज चल रहा है. मीना देवी व सरस्वती देवी पानी में गायब हो गयीं.
दो थाने की पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम तलाश कर रही है
घटनास्थल वैशाली जिले के रुस्तमपुर थाना क्षेत्र में पड़ता है, लेकिन पटना के नदी थाना क्षेत्र से सटा होने के कारण दोनों थाने की पुलिस ने मिलकर रेस्क्यू शुरू किया. रुस्तमपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची. जिला प्रशासन की पहल पर एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची. गोताखोरों और एसडीआरएफ के जवानों ने जाल डालकर लापता महिलाओं की तलाश शुरू कर दी है. समाचार लिखे जाने तक दोनों महिलाओं का शव बरामद नहीं हो सका था.
परिवार में छाया मातम, प्रशासन से मांग
विनय कुमार के घर में जहां कल तक मांगलिक गीत गूंजते थे, वहां अब चीख-पुकार और रोना-धोना सुनाई दे रहा है. पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. स्थानीय लोगों ने घाट पर सुरक्षा की कमी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने प्रशासन से गंगा घाटों पर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, लाइफ जैकेट और बचाव उपकरण लगाने की मांग की है.
पुलिस और एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लापता महिलाओं की तलाश के लिए नावों और गोताखोरों की मदद ली जा रही है। प्रशासन ने परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.
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