PoK में बिगड़े हालात, मुनीर की सेना ने प्रदर्शनकारियों पर की अंधाधुंध फायरिंग

कुछ समय पहले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट में घरों की छतों पर खड़े प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने फिर फायरिंग की थी. कल से अब तक फायरिंग में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, हालांकि इसके बाद भी प्रदर्शनकारी रावलकोट के चिनार चौक पर डटे हुए हैं और रेंजर्स से हटने की अपील कर रहे हैं.

पीओके के रावलकोट में रेंजर्स और एफसी प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए रुक-रुक कर फायरिंग कर रहे हैं. हालांकि, इस गोलीबारी का कोई असर नहीं हो रहा है और प्रदर्शनकारी अभी भी मुजफ्फराबाद की ओर जाने के लिए चिनार चौक और शहीद चौक पर डटे हुए हैं. लोगों के घरों की छतों पर रेंजर्स के दस्ते तैनात हैं.

प्रदर्शनकारी रावलकोट की ओर जा रहे हैं. इसी दौरान रेंजर्स ने 30-40 लोगों के समूह पर फायरिंग कर दी. रावलकोट, मीरपुर में गोलीबारी और मौत के बाद पिछले 24 घंटों में ही कुल 22 लोगों की जान चली गई है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मुख्य रूप से अवामी एक्शन कमेटी (एएसी) के सदस्यों को निशाना बनाया है, जो क्षेत्र में चल रहे चुनावों का बहिष्कार करने के लिए अभियान चला रही है।

शाहबाज़ सरकार ने प्रदर्शनकारियों और चुनाव प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में 14,000 से अधिक सैनिकों को भेजा है। कई जगहों पर स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं, वहीं प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े. सुरक्षा बलों को चुनाव का बहिष्कार करने वालों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया है.

यह कदम इलाके में विरोध की आवाजों को दबाने के लिए उठाया गया है, जहां पिछले कई हफ्तों से लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहा है. पीओके के लोगों पर बल प्रयोग करने के साथ ही वहां के प्रशासन ने इलाके में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं भी बंद कर दी हैं. इसके अलावा इलाके के कई हिस्सों में बिजली और पानी की आपूर्ति भी काट दी गई है.

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