इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में 125 रनों की करारी हार और लगातार चौथी टी20 हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पहली बार टीम के खराब प्रदर्शन पर खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि टीम फिलहाल ‘रीसेट’ दौर से गुजर रही है और युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए समय देना जरूरी है. लगातार चार टी20 मैच हारने के बाद गौतम गंभीर ने माना कि टीम की समस्या सिर्फ खराब फॉर्म या अनुभव की कमी नहीं है. इंग्लैंड के खिलाफ बड़ी हार के बाद उन्होंने बताया कि भारतीय टीम किस मोर्चे पर सबसे ज्यादा पिछड़ रही है. गंभीर के मुताबिक टीम की सबसे बड़ी कमजोरी ‘खेल जागरूकता’ है. उनका मानना है कि आयरलैंड दौरे से लेकर इंग्लैंड सीरीज तक भारतीय खिलाड़ी मैच की परिस्थितियों को ठीक से समझ नहीं पाए और इसका खामियाजा उन्हें लगातार हार के रूप में भुगतना पड़ा.
‘टीम बदलाव के दौर में है, सिर्फ नतीजों से आकलन न करें’
गौतम गंभीर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम की तुलना टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम से करना सही नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अब टीम का कप्तान बदल गया है. ओपनिंग जोड़ी नई है और हार्दिक पंड्या और जसप्रित बुमरा जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी इस टीम का हिस्सा नहीं हैं. उन्होंने कहा, “जब कोई टीम रीसेट होती है तो उसे समय देना पड़ता है. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ओपनिंग कर रहे हैं. प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 खेल रहे हैं और हर्षित राणा चोट के बाद वापसी कर चुके हैं. ऐसे में पूरी तस्वीर सिर्फ नतीजों के आधार पर नहीं देखी जा सकती है.”
कहां हो रही है सबसे बड़ी गलती?
गंभीर ने कहा कि समस्या तकनीक से ज्यादा खिलाड़ियों की सोच और फैसलों में नजर आ रही है. उनके मुताबिक भारतीय टीम मैच के दौरान परिस्थितियों को सही ढंग से समझने में लगातार नाकाम हो रही है. उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों और गेंदबाजों को समझना होगा कि पिच कैसा खेल रही है. हवा की दिशा क्या है? मैदान का कौन सा हिस्सा बड़ा है और किस समय जोखिम लेना चाहिए? टी20 क्रिकेट में ये छोटी-छोटी चीजें मैच का नतीजा बदल देती हैं. उन्होंने कहा, ‘आयरलैंड दौरे के बाद से हम खुद को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने में सफल नहीं रहे हैं. अगर हमने स्थिति को बेहतर तरीके से समझा होता तो हम लगातार चार मैच नहीं हारते.’
76 रन पर ऑल आउट होने के बाद भी विश्वास नहीं खोया
तीसरे टी20 में भारतीय टीम महज 76 रन पर सिमट गई. जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी हार थी. इसके बावजूद गौतम गंभीर ने इसे टीम की स्थायी कमजोरी मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इससे पहले दोनों मैचों में भारतीय बल्लेबाजों ने करीब 190 रन बनाये थे. टीम आक्रामक और जोखिम भरा क्रिकेट खेल रही है. इसीलिए कभी-कभी ऐसे बुरे दिन भी देखने को मिलते हैं। गंभीर का मानना है कि भविष्य की मजबूत टीम तैयार करने के लिए युवा खिलाड़ियों को बड़ी टीमों के खिलाफ ही लगातार मौके देने होंगे. उनके मुताबिक इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने से ही खिलाड़ियों का विकास होगा. भले ही इस दौरान कुछ हार का सामना भी करना पड़े।
गंभीर ने प्रिंस यादव की तारीफ में क्या कहा?
हालाँकि, बल्लेबाजी पूरी तरह से विफल रही। लेकिन तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने अपने दूसरे टी20 मैच में प्रभावित किया. उन्होंने दो विकेट लिए और पावरप्ले के साथ डेथ ओवरों में भी जिम्मेदारी निभाई. गंभीर ने कहा कि किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ आंकड़ों से नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह देखना भी जरूरी है कि प्रिंस यादव ने मुश्किल वक्त में कैसी गेंदबाजी की. उनके मुताबिक युवा तेज गेंदबाज का भविष्य बेहद उज्ज्वल है.
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अब अगली चुनौती
पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत 0-2 से पिछड़ रहा है. ऐसे में टीम इंडिया के सामने सिर्फ अगले मैच में वापसी करने की चुनौती नहीं होगी. बल्कि ये भी साबित करना होगा कि गौतम गंभीर का ‘रीसेट प्लान’ भविष्य के साथ-साथ मौजूदा टीम को भी जीत की राह पर ले जा सकता है.
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