पाकिस्तानी सेना | पाकिस्तानी सेना ने पीओके रावलकोट में आसिम मुनीर शहबाज शरीफ के विरोध प्रदर्शन पर बम गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया

आसिम मुनीर और शाहबाज शरीफ के इशारे पर पाकिस्तानी सेना लगातार पीओके में लोगों पर जुल्म कर रही है. पाकिस्तानी सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के रावलकोट में विरोध स्थल पर ड्रोन से बम गिराए. अवामी एक्शन कमेटी ने वीडियो जारी कर कहा कि 28 जून की रात 12 से 1 बजे के बीच विरोध स्थल पर ड्रोन का इस्तेमाल कर चार आरडीएक्स जैसे बम गिराए गए. अवामी कमेटी ने कहा कि टाइमर लगाए गए थे और उस वक्त प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

पूरे पीओके में 5 जून से इंटरनेट बंद है और इसी इंटरनेट बैन का फायदा उठाते हुए पाकिस्तानी सेना ने सबसे पहले प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की, जिसमें 58 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई. फिर पिछले 2 हफ्तों से पूरे पीओके में खाद्य आपूर्ति बंद कर दी गई और जब इसके बाद भी जनता ने विद्रोह खत्म नहीं किया तो पाकिस्तान की अमानवीय सेना ने ड्रोन से बम गिराने की कार्रवाई की.

मुनीर की सेना ने पीओके में बम बरसाए

जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट पब्लिक एक्शन कमेटी ने कहा, ‘पीओके के लोग ऐसे कदमों से डरने वाले नहीं हैं. परिस्थितियाँ चाहे जो भी हों, हम अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेंगे।

पीओके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ज्यादती का मुद्दा अब दुनिया भर में उठ रहा है। इसे लेकर पिछले हफ्ते लंदन में ब्रिटिश संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया और बाद में प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास 10 डाउनिंग स्ट्रीट तक मार्च निकाला गया. प्रदर्शन के दौरान आयोजकों ने ब्रिटिश सरकार से इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने और प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की थी.

पीओके को पूरे पाकिस्तान से काटने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने एक और नया कदम उठाया है. आज पाकिस्तानी सीनेट में विपक्ष के नेता महमूद अचकजई और पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खान अब्बासी पीओके जाने और प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए इस्लामाबाद से निकले थे, लेकिन उन्हें बीच रास्ते में कहुटा में रोक दिया गया और आगे नहीं जाने दिया गया. हालांकि, इन सबके बावजूद पीओके में आज 21वें दिन भी विद्रोह जारी रहा, रावलकोट के ईदगाह मैदान और अन्य शहरों में भी 60 हजार से ज्यादा लोग जमा हुए, सड़कों पर प्रदर्शन हुए और पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए.

ईदगाह मैदान में हजारों प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अवामी एक्शन कमेटी के सदस्य सरदार लियाकत हयात ने पाकिस्तानी सरकार और पीओके की कठपुतली सरकार को चेतावनी दी और कहा कि प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद और पीओके की कठपुतली को संदेश दिया है कि लोग इस लड़ाई को जीतेंगे।

PoK में क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?

पीओके में महंगाई, राजनीतिक अधिकारों की कमी और शासन व्यवस्था को लेकर जनता में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में इस्लामाबाद के बढ़ते हस्तक्षेप के खिलाफ लोगों में गहरी नाराजगी है और यह असंतोष अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

इस महीने प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों ने क्षेत्र में लंबे समय से बढ़ते जनाक्रोश को उजागर कर दिया है। शासन सुधारों की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोग मारे गए, जिससे इस्लामाबाद में राजनीतिक संकट पैदा हो गया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई।

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