बिहार की सम्राट सरकार (सम्राट सरकार) एक बड़ा फैसला लिया है. अब नेशनल हाईवे की तरह स्टेट हाईवे पर भी सफर करने पर टोल टैक्स देना होगा. इसके लिए बिहार पथ कर नियमावली, 1979 की सुसंगत धाराओं में महत्वपूर्ण संशोधन किये गये हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (बिहार के सीएम सम्राट चौधरी) की अध्यक्षता में बुधवार (जुलाई 01, 2026) को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.
किस आधार पर तय होगा रेट?
कैबिनेट सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि एनएच की तरह एसएच पर भी टोल वसूली निर्धारित की जायेगी. वैन, कार, जीप जैसे अन्य हल्के वाहनों से 1.25 रुपये प्रति किमी की दर से टोल वसूला जाएगा.
इसी प्रकार, छोटे वाणिज्यिक वाहनों के लिए 2 रुपये प्रति किमी, दो एक्सल वाले ट्रकों और बसों के लिए 4.25 रुपये प्रति किमी, पोकलेन, डंपर जैसे बड़े निर्माण वाहनों के लिए 6.65 रुपये प्रति किमी और 7 या अधिक एक्सल वाले बड़े वाहनों के लिए 8.10 रुपये प्रति किमी की दर तय की गई है।
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रियायती पास और बहु-यात्रा रियायतों का प्रावधान
वाहनों से टोल टैक्स की निर्धारित दर वाहन में लगे फास्ट टैग या अन्य स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से ही काटी जाएगी। वहीं, विशिष्ट श्रेणियों के लिए छूट और पात्र उपयोगकर्ताओं के लिए रियायती पास और मल्टी-ट्रिप रियायतों का भी प्रावधान किया गया है। इसमें बिना फास्ट टैग वाले वाहनों और भारी वाहनों के मामले में भी अधिक शुल्क वसूलने का प्रावधान किया गया है।
विपक्षी दल राजद ने इस फैसले का विरोध किया
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, “यह गलत फैसला है. स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए. मैं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस फैसले को वापस लेने का अनुरोध करूंगा. अगर स्टेट हाईवे पर लगेगा तो कल आप कहेंगे कि सड़कों पर भी लगेगा…”
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