रविवार (21 जून 2026) को स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुई, जो काफी तनावपूर्ण रही। तस्नीम की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ फोटो सेशन में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया. ईरान-अमेरिका की बैठक बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में हुई, जहां ईरान, अमेरिका, पाकिस्तान और कतर हाल ही में हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत बातचीत के लिए शामिल हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, वार्ता शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के बीच हाथ मिलाने और संयुक्त फोटो सत्र की योजना बनाई गई थी, लेकिन ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया.
बैठक के दौरान जारी तनाव के बावजूद ईरानी और अमेरिकी अधिकारी कुछ देर तक एक ही कमरे में मौजूद रहे. हालांकि, वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने लेबनान में अपने प्रॉक्सी समूहों पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा. ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद तनाव और बढ़ गया और ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने विरोध जताया.
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पाकिस्तान और कतर का संयुक्त बयान
पाकिस्तान और कतर की ओर से एक संयुक्त बयान जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि बैठक में आगे की बातचीत के लिए नई व्यवस्था बनाने समेत कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर सहमति बनी. एमओयू के आधार पर सभी दल एक उच्च स्तरीय समिति बनाने पर सहमत हुए हैं. यह कमेटी पूरी मध्यस्थता प्रक्रिया पर राजनीतिक निगरानी रखेगी और बातचीत की दिशा तय करेगी. सभी मुख्य वार्ताकार इस उच्च स्तरीय समिति को नियमित रिपोर्ट देंगे। साथ ही यह समिति परमाणु मुद्दे, प्रतिबंधों और एमओयू के कार्यान्वयन से संबंधित कार्यों की निगरानी करेगी. इसके लिए अलग-अलग कार्य समूह भी बनाए जाएंगे, जिनमें निगरानी और विवाद समाधान से जुड़े समूह भी शामिल होंगे.
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