टीम इंडिया का प्रदर्शन: 8 भारतीय खिलाड़ी पहली बार अंग्रेजी परिस्थितियों में खेले, सीरीज हार का दोषी कौन?

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड से सीरीज हार गई है। इंग्लैंड ने 5 मैचों की सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त बना ली है. पूरी सीरीज में भारत की कई कमजोरियां नजर आईं. बल्लेबाजी से लेकर गेंदबाजी तक सबकुछ फ्लॉप रहा. तीसरे टी20 में 125 रन की शर्मनाक हार और चौथे टी20 में 9 विकेट से हार के बाद अब इस टीम के संपूर्ण विश्लेषण का समय आ गया है. हार के क्या कारण रहे, क्या अनुभव की कमी बनी हार का कारण या कुछ और?

8 खिलाड़ी पहली बार अंग्रेजी परिस्थितियों में खेले!

अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा समेत 8 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने इस सीरीज से पहले कभी इंग्लैंड में टी20 नहीं खेला. इसमें अभिषेक, प्रसिद्ध कृष्णा के साथ तिलक, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन शामिल हैं। सूर्यांश शेडगे का राष्ट्रीय टीम के साथ यह पहला इंग्लैंड दौरा है।

श्रेयस अय्यर समेत सिर्फ 5 खिलाड़ी ऐसे थे, जिन्होंने पहले इंग्लैंड में टी20 इंटरनेशनल खेला था. श्रेयस, अक्षर पटेल, इशान किशन, अर्शदीप सिंह और रवि बिश्नोई ने इस सीरीज से पहले इंग्लैंड में टी20 खेला था. तो क्या भारत अनुभव की वजह से हारा? नहीं, ऐसा नहीं कहा जा सकता.

भारत क्यों हारा?

बेशक ज्यादातर खिलाड़ी पहली बार अंग्रेजी परिस्थितियों में टी20 सीरीज खेल रहे हैं, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि यह टीम अनुभवहीन है. श्रेयस अय्यर ने इसे बदलाव का दौर कहा, ये भी गलत लगता है क्योंकि इस टीम के ज्यादातर खिलाड़ी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं. इंग्लैंड में पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अधिकांश खिलाड़ी यहां अन्य स्तरों पर खेल चुके हैं, कई ने तो काउंटी क्रिकेट भी खेला है। वैभव सूर्यवंशी खुद भी पहले यहां खेल चुके हैं. इसलिए ये कहना सही नहीं होगा कि इस टीम में अनुभव की कमी है.

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भारत का टॉप ऑर्डर फ्लॉप

इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच के बाद अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने तीनों मैचों में ओपनिंग की, लेकिन दोनों को किसी में भी अच्छी शुरुआत नहीं मिल सकी. दूसरे टी20 में 43 रन बनाने वाले अभिषेक तीसरे और चौथे टी20 में क्रमश: 10 और 16 रन बनाकर आउट हुए. वैभव ने तीनों मैचों में कुल 42 रन (14, 13 और 15) बनाए।

ईशान किशन को देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वह हालिया टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज हैं. पहले मैच में शून्य पर आउट होने के बाद दूसरे मैच में उन्होंने 49 रन बनाए, लेकिन तीसरे (13) और चौथे (4) मैच में फिर सस्ते में आउट हो गए.

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उपकप्तान का बल्ला रहा खामोश, ऑलराउंडर्स ने भी किया निराश

श्रेयस अय्यर ने पहले मैच में 68 रन बनाए थे, हालांकि वह मैच रद्द कर दिया गया था. दूसरे (37) और तीसरे (5) टी20 में वह फ्लॉप रहे, लेकिन चौथे मैच में उनका बल्ला खूब चला. उन्होंने नाबाद 80 रन बनाए, हालांकि उनके अलावा कोई और नहीं चला. पूरी सीरीज में तिलक वर्मा का बल्ला खामोश रहा, नौबत यहां तक ​​आ गई कि उपकप्तान को हटाने की भी बात होने लगी.

तिलक वर्मा ने 4 पारियों में सिर्फ 51 रन बनाए हैं. बीच के ओवरों में शिवम दुबे पर बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन यह ऑलराउंडर भी पहले मैच को छोड़कर किसी भी मैच में नहीं खेल सका. पहले मैच में उन्होंने 42 रन बनाए, लेकिन अगली दो पारियों में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके. दूसरे मैच में 5 और तीसरे मैच में 2 रन बनाकर आउट हो गए. चौथे मैच में भी वह सिर्फ 22 रन ही बना सके.

चारों मैचों में अक्षर पटेल पर भरोसा दिखाया गया, उनके पास काफी अनुभव भी है. उन्होंने अंग्रेजी परिस्थितियों में खेला था, लेकिन उन्हें इसका कोई फायदा नहीं मिला. उन्होंने 4 पारियों में 16 रन बनाए और 3 मैचों में 2 विकेट लिए।

गेंदबाजी में अनुभव की कमी दिखी

प्रिंस यादव के पास अनुभव नहीं है, लेकिन उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था. फिर भी उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में नहीं खिलाया गया. इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 में उन्होंने 2 विकेट लिए, लेकिन चौथे मैच में वह कोई विकेट नहीं ले सके.

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दूसरे टी20 में रवि बिश्नोई काफी महंगे साबित हुए, उन्होंने 60 रन दिए जिसमें एक ही ओवर में 29 रन दिए. हालाँकि, वह उन 5 खिलाड़ियों में से थे, जो पहले इंग्लैंड में टी20 खेल चुके थे। लेकिन इसके बाद उन्हें हटा दिया गया. वरुण चक्रवर्ती 2 पारियों में सिर्फ 1 विकेट ही ले सके, रनों पर भी लगाम नहीं लगा सके. उन्होंने पहले मैच में 37 रन और दूसरे में 35 रन दिये, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बाहर कर दिया गया और वाशिंगटन सुंदर को अंदर लाया गया।

अर्शदीप सिंह इस टीम के सबसे अनुभवी गेंदबाज कहे जा सकते हैं, हालांकि वह भी ज्यादा प्रभावी नहीं रहे हैं. दूसरे टी20 में उन्होंने 3 विकेट लिए, लेकिन तीसरे मैच में कोई विकेट नहीं ले सके. चौथे मैच में उन्हें एकमात्र विकेट मिला.

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