बिहार में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आ चुका है, लेकिन लगभग सभी जिलों में बारिश की कमी और भीषण गर्मी है. मौसम विभाग के मुताबिक जून महीने में मानसून समय से पहले आ गया, लेकिन 46 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई, जिससे 5 साल का रिकॉर्ड टूट गया. ऐसे में जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून की बेरुखी देखने को मिल रही है.
जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में तीन से चार दिनों तक मानसून की गतिविधियां देखी गईं। उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई, जबकि दक्षिण बिहार में कई जगहों पर ही बारिश दर्ज की गयी. लेकिन 3 जुलाई के बाद से पूरे बिहार में साल दर साल लगातार गिरावट आ रही है. उत्तर बिहार के कुछ जिलों में बहुत हल्की बारिश दर्ज की जा रही है लेकिन दक्षिण बिहार पूरी तरह सूखा है.
बारिश नहीं होने से किसानों की बढ़ी परेशानी, धान रोपने का है समय
बारिश की कमी और भीषण गर्मी के कारण किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. अभी धान रोपनी का समय है और आद्रा नक्षत्र खत्म हो चुका है, इसलिए किसानों ने अपने खेतों में बिचड़ा लगा लिया है, लेकिन अधिकांश जगहों से खबर मिल रही है कि धान के खेत पीले पड़ रहे हैं और सूखने के कगार पर हैं. सब्जी की फसल भी सूखने लगी है। ऐसे में अगर जल्द ही भारी बारिश नहीं हुई तो बिहार में सूखे की स्थिति पैदा हो सकती है.
जुलाई महीने में अगर तापमान 36 डिग्री है तो 40 डिग्री तक गर्मी दर्ज की जाती है. लेकिन वर्तमान में तापमान 39 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जो बरसात के मौसम में अत्यधिक गर्मी का संकेत है और किसानों के लिए बड़ी परेशानी का संकेत दे रहा है. आज रविवार को भी राज्य में बारिश की स्थिति काफी कम दिख रही है.
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उत्तर बिहार के पश्चिमी और मध्य भाग के जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के पश्चिमी और मध्य भाग पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, सीवान, मधुबनी, शिवहर, सीतामढी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर जिलों में कहीं हल्के तो कहीं मध्यम बादल और कुछ जगहों पर सिर्फ बादल छाये रहने का येलो अलर्ट जारी किया है.
हालांकि इन जिलों में कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है, लेकिन इस साल जो स्थिति रहेगी, वह ज्यादा राहत देने वाली नहीं हो सकती है. हालांकि, आज सुबह 5 बजे से 8 बजे के बीच दरभंगा, मधुबनी और सुपौल जिले में बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
इसके अलावा उत्तर बिहार के अन्य जिलों और दक्षिण बिहार के पटना समेत सभी 19 जिलों में बारिश की संभावना नहीं है. कुछ जिलों में कुछ देर के लिए बादलों की आवाजाही हो सकती है, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिलेगी और कड़ी धूप का सामना करना पड़ेगा. 7 जुलाई को उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी बारिश या मध्यम बारिश हो सकती है. लेकिन दक्षिण बिहार में बहुत कम बारिश होने की संभावना है.
किसी भी जिले में तापमान 35 डिग्री से कम नहीं, सभी जगह बढ़ोतरी दर्ज की गई
पिछले शनिवार को सभी जिलों में तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई. सबसे अधिक तापमान भभुआ में 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जबकि राजधानी पटना में 1.5 डिग्री बढ़ोतरी के साथ तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा. राज्य के ज्यादातर जिलों में तापमान 36 से 37 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया. लेकिन किसी भी जिले में तापमान 35 डिग्री से कम नहीं था. रविवार को केवल एक जिले पूर्णिया में 28.6 मिमी के साथ मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि पूर्वी चंपारण, बक्सर, लखीसराय, बांका, भभुआ, जमुई, वैशाली, औरंगाबाद, शेखपुरा में हल्की से बहुत हल्की वर्षा दर्ज की गई।
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