मध्य पूर्व में हालात पटरी पर आते दिख रहे हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज में फंसे नाविकों को बचाने का काम शुरू कर दिया है। इनकी संख्या 11000 बताई जाती है.
अमेरिका ने फिर दोहराया, कहा- हम किसी भी देश को टोल वसूलने की इजाजत नहीं देंगे…
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है. किसी भी देश को टोल वसूलने की इजाजत नहीं है. इस मामले में रूबी ने दूसरे देशों से भी समर्थन की उम्मीद जताई है.
होर्मुज में हजारों जहाज फंसे हुए हैं
मंगलवार को एक बयान जारी करते हुए आईएमओ महासचिव आर्सेनिया डोमिंग्वेज़ ने बताया कि यह ऑपरेशन ईरान, ओमान और क्षेत्र के सभी तटीय देशों, अमेरिका और समुद्री उद्योग की ओर से चलाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, होर्मुज में हजारों जहाज फंसे हुए हैं. ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता हो गया है.
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डेनमार्क फ्रांस और ब्रिटेन के मिशन में शामिल हुआ
वहीं, अन्य जानकारी में बताया गया कि डेनमार्क फ्रांस और ब्रिटेन से शुरू हुए समुद्री मिशन में हिस्सा लेगा. इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को फिर से खोलना है.
यातायात का ख़तरा बढ़ा, होर्मुज़ से बड़ी संख्या में जहाज़ गुज़र रहे हैं
अल जजीरा के मुताबिक, जब से दोनों देशों के बीच डील साइन हुई है, तब से शिपिंग ट्रैफिक बढ़ गया है। शिपिंग इंटेलिजेंस एजेंसी केपलर के मुताबिक, 36 वाणिज्यिक जहाज होर्मुज से होकर गुजरे हैं। ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है. ऐसे में हालात को देखते हुए माना जा रहा है कि जहाजों के टकराने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में वहां ट्रैफिक कंट्रोल करना बेहद जरूरी है.
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