बांकीपुर उपचुनाव: बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बीजेपी की कोर ग्रुप की बैठक, इस नेता पर पार्टी लगा सकती है दांव

बिहार में पटना जिले की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इसी सिलसिले में प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पार्टी के कोर ग्रुप की अहम बैठक हुई. करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे. बैठक का मुख्य एजेंडा बांकीपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर मंथन करना था. उम्मीद है कि पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा कर सकती है.

सूत्रों के हवाले से खबर है कि बीजेपी नील रतन घोष को बांकीपुर सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है. नील रतन घोष पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता हैं. वह लंबे समय से बीजेपी नेता नितिन नवीन के साथ हैं और बांकीपुर में उनका काम भी संभालते रहे हैं.

नील रतन घोष मूल रूप से बंगाल के रहने वाले हैं और बंगाली कायस्थ हैं। वह नितिन नवीन के पिता स्वर्गीय नवीन किशोर सिंह के भी काफी करीबी रहे हैं. चूंकि बांकीपुर विधानसभा सीट पर कायस्थ मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है, इसलिए पार्टी जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन पर दांव लगा सकती है.

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30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

चुनाव आयोग के शेड्यूल के मुताबिक, पटना जिले की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग होगी. वहीं, वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी और चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

यह सीट नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई है.

गौरतलब है कि बीजेपी नेता नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे से खाली हुई इस सीट पर अब उपचुनाव हो रहा है.

बांकीपुर पर 1995 से बीजेपी का कब्जा है.

बांकीपुर सीट बीजेपी का अभेद्य किला मानी जाती है. इस सीट पर 1995 से लगातार बीजेपी जीतती आ रही है. इस सीट पर मुख्य रूप से नितिन नवीन के परिवार का दबदबा है. नितिन नवीन के पिता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा यहां से लगातार 4 बार विधायक चुने गये थे. उनके निधन के बाद 2006 में हुए उपचुनाव में नितिन नवीन ने पहली बार जीत हासिल की और तब से वह लगातार 5 बार इसी सीट से विधायक चुने गए.

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