बंटी यादव की हत्या पर रोहिणी आचार्य का मुख्यमंत्री पर सीधा हमला, ‘सम्राट सरकार का इकबाल खत्म’

पटना जंक्शन से अपहृत युवक की हत्या के मामले में लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य (रोहिणी आचार्य) सम्राट की सरकार (सम्राट सरकार) हमला कर दिया है. रोहिणी ने दो टूक कहा है कि अपराधियों के मन में पुलिस या कानून का कोई डर नहीं रह गया है. बादशाह की सरकार का इकबाल पूरी तरह ख़त्म हो चुका है. सोमवार (जुलाई 13, 2026) सुबह रोहिणी आचार्य ने सरकार पर हमला बोलते हुए एक्स पर पोस्ट किया।

रोहिणी आचार्य का कहना है कि सम्राट की सरकार आम नागरिकों के साथ-साथ उन नागरिकों को भी सुरक्षा देने में विफल रही है जो गलत के खिलाफ खड़े होते हैं. इसके लिए उन्होंने बंटी यादव का उदाहरण दिया.

रोहिणी आचार्य ने इस में लिखा है।”

‘अपराधियों को पुलिस या कानून का कोई डर नहीं’

बंटी यादव की हत्या को लेकर रोहिणी आचार्य ने पुलिस-प्रशासन के साथ-साथ सीएम सम्राट चौधरी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि पटना का महावीर मंदिर और पटना जंक्शन इलाका हमेशा पुलिस और आम जनता की भारी मौजूदगी से घिरा रहता है. इतने व्यस्त सार्वजनिक स्थान से सात-आठ अपराधियों द्वारा ऑटो में जबरन एक युवक का अपहरण करना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस या कानून का कोई डर नहीं रह गया है और सम्राट सरकार का इकबाल पूरी तरह से खत्म हो गया है.

यह भी पढ़ें- बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर के नामांकन से पहले जेडीयू नेता का बड़ा बयान, ‘बीजेपी के लिए…’

पुलिस ने नहीं दिखाई तत्परता : रोहिणी आचार्य

उन्होंने कार्रवाई में देरी को लेकर सवाल उठाए. रोहिणी आचार्य का कहना है कि घटना के तुरंत बाद परिवार वालों ने शिकायत की लेकिन पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई. अपहरण की पूरी वारदात पास के सीसीटीवी कैमरे में साफ कैद हो गई. पुलिस समय रहते अनुसंधान करती तो शायद बंटी की जान बच सकती थी.

उन्होंने कहा, “बंटी का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अपने इलाके में चल रहे अवैध वेश्यावृत्ति (सेक्स रैकेट) का कड़ा विरोध किया था. जब समाज का एक आम नागरिक किसी अपराध के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसकी रक्षा करना राज्य की कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है. बंटी की हत्या ने साबित कर दिया कि शाही सरकार आम नागरिकों के साथ-साथ उन नागरिकों को भी सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है जो गलत के खिलाफ खड़े होते हैं.”

यह भी पढ़ें- खान साहब और उनके दो बॉडीगार्ड की जमानत पर कोर्ट का फैसला, राहत या झटका?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *