NEET पुनर्परीक्षा धोखाधड़ी मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की एसआईटी ने गुरुवार (जुलाई 09, 2026) को लखीसराय मंडल कारा में बंद 30 आरोपियों को 72 घंटे की रिमांड पर लिया। शहर के किऊल और कवैया थाने में दर्ज तीनों मामलों में कोर्ट से रिमांड की अनुमति मिलने के बाद जांच एजेंसी अब पूछताछ की तैयारी में जुट गई है.
पूछताछ में धोखाधड़ी के पूरे नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं। पिछले बुधवार (जुलाई 08, 2026) को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने किऊल और कवैया थाने में दर्ज दो मामलों में रिमांड की अनुमति दे दी थी. इससे पहले ईओयू को कवैया थाने में दर्ज एक अन्य मामले में रिमांड की मंजूरी मिली थी. गुरुवार (जुलाई 09, 2026) को एसआईटी सभी 30 आरोपियों को एक साथ लेकर पटना पहुंची.
आरोपियों से पहले पटना में अलग से पूछताछ की जाएगी. इसके बाद सभी के बयानों को मिलाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान ईओयू के वरिष्ठ अधिकारी और तीनों केस के अनुसंधान अधिकारी मौजूद रहेंगे.
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पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं
माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान टीम को कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं. धोखाधड़ी, वित्तीय लेनदेन, दूसरे राज्यों या जिलों से संपर्क के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। इस रैकेट के मास्टरमाइंड के बारे में भी अहम जानकारी मिल सकती है.
नौ फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गये
आपको बता दें कि पेपर लीक की घटना के बाद 21 जून को आयोजित NEET UG परीक्षा के दौरान लखीसराय में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था. दूसरे उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देते हुए नौ फर्जी उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें नौ फर्जी अभ्यर्थी, एक असली अभ्यर्थी, दो सहयोगी और 18 बायोमेट्रिक कर्मी शामिल हैं। ईओयू ने जांच अपने हाथ में ले ली. डीआइजी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी जांच कर रही है.
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इनपुट: (रंजीत कुमार सम्राट, शशांक कुमार)






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