डोनाल्ड ट्रंप की अपमानजनक टिप्पणी के बाद स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में उच्च स्तरीय शांति वार्ता के बीच ईरान का प्रतिनिधिमंडल बैठक छोड़कर चला गया था. उस वक्त पाकिस्तान के पीएम शरीफ हैरान रह गए थे. इस बैठक में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं.
अब उस वक्त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शरीफ से संक्षिप्त बातचीत के लिए आगे बढ़ते हैं. तभी अचानक ईरानी प्रतिनिधिमंडल कमरे से बाहर चला गया. ईरानी प्रतिनिधिमंडल के अचानक बाहर निकलने से शरीफ हैरान दिखे. बाद में उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख असीम मुनीर को इसकी जानकारी दी. इसमें वे वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस की तरफ से ये सब देख रहे थे. फिर पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की ओर बढ़े.
ट्रंप के बयान पर ईरान ने जताई आपत्ति
यह वाकआउट तब हुआ जब ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप द्वारा तेहरान को दी गई ऐसी चेतावनी पर आपत्ति जताई. इसमें कहा गया था कि अन्यथा आपके पास कोई देश नहीं बचेगा. ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, तेहरान ने चल रही बातचीत के दौरान सार्वजनिक और निजी तौर पर इन टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी वार्ता से बाहर चला गया
रविवार 21 जून 26ट्रुथ सोशल पर ट्रम्प की पोस्ट के खिलाफ यह ईरान का विरोध है:
“ईरान को लेबनान में अपने अत्यधिक भुगतान वाले प्रॉक्सी को परेशानी पैदा करने से तुरंत रोकना चाहिए।
यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से जोरदार हमला करेंगे, जैसा कि हमने पिछली बार किया था… pic.twitter.com/nlxPAQ8ZOB
– सिलवेस्टर एड एस्ट्रा (@KenalKripto) 22 जून, 2026
ईरानी अधिकारियों ने तर्क दिया कि ऐसी टिप्पणियाँ अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद 1 का उल्लंघन करती हैं। इसके तहत दोनों पक्ष बातचीत के दौरान एक-दूसरे को हमले की धमकी नहीं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
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ईरान ने अमेरिका के साथ फोटो सेशन से इनकार कर दिया
इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाले संयुक्त फोटो सेशन में भी हिस्सा लेने से इनकार कर दिया. इसे अमेरिका का मीडिया शो कहा गया. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ट्रम्प की सार्वजनिक धमकियों ने विश्वास को कमजोर कर दिया है। इसके अलावा कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी शरीफ का स्वागत तो करते हैं, लेकिन वेंस को नजरअंदाज कर देते हैं. इससे माना जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति को कूटनीतिक तौर पर नजरअंदाज किया गया है.
दोनों देशों के बीच तनाव के बीच भी बातचीत जारी है. यह बातचीत चार दलों की बैठक है. इसमें अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया है. उनका मकसद किसी भी कीमत पर मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को खत्म करना है. इसके लिए दोनों देशों के बीच डील पर बातचीत चल रही है.
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