Train Journey Rules

Train Journey Rules: Without Ticket भी कर सकते हैं ट्रेन में सफ़र! रेल यात्रा के वो top rules, जो आपको जानने चाहियें, Provision of Punishments to Invade Train Rules & Regulations

Train Journey Rules: भारत में ज्यादातर लोगों को ट्रेन से यात्रा करना बहुत पसंद होता है क्योंकि इसमें दूसरे माध्यमों से कम पैसा लगता है और यात्रा भी comfortable होता है. इसलिए इस स्टोरी में जानेंगे कि क्या कोई भी इंसान रेलवे में फ्री में यात्रा या फिर बिना टिकट के यात्रा कर सकता है या नहीं? साथ ही ये जानेंगे कि रेलवे में यात्रा के क्या-क्या नियम है? किस नियम का उल्लंघन करने कितना फाइन लगता है, सब कुछ जानेंगे। छोटे बच्चों के लिए रेल यात्रा में क्या नियम है ये भी जानेंगे। रेलवे के कानून का उल्लंघन करने पर कौन सी धारा में कितनी सजा होती है, इस पर भी चर्चा करेंगे।

सबसे पहले ये जान लीजिये कि भारतीय रेलवे को कई जोन में बनता गया है. उनमें से एक जोन है, सेंट्रल रेलवे इस जोन द्वारा बिना टिकट यात्रा करने वालों पर फाइन लगाकर के 143 करोड़ रुपए की कमाई करी last year अप्रैल से लेकर अगस्त 2022 के बीच में।

Train Journey Rules

Train Journey Rules

ऐसे ही जो मुंबई वाला साइड है उसे वेस्टर्न रेलवे जोन में रखा गया है. इस जोन द्वारा अप्रैल 2022 से दिसंबर 2022 के बीच में 135.58 करोड़ रुपए की वसूली किया है फाइन लगाकर के यानी कि लोगों से पैसा वसूल किया है कि तुम बिना टिकट के यात्रा क्यों कर रहे हो.

इसका मतलब ये तो सत्य है कि बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़े जाने पर फाइन लगता है। इसलिए अगर आप बिना टिकट के रेल यात्रा करेंगे तो फाइन तो लगेगा ही।

अब बात करते हैं कि यात्रा करने के क्या नियम होने चाहिए, क्या बातें हमें पता होनी चाहिए। आप में से अधिकांश लोगों ने अक्सर यात्रा करते समय यह दृश्य जरूर देखा होगा। आप सब बैठे हैं ट्रेन में, ticket checker साहब आएंगे, वो आपसे ticket मांगेंगे, proper आप लोगों को check करेंगे, उसमें उम्र देखकर के चेहरा मिलाएंगे। हालांकि ticket पे चेहरा नहीं होता है, पर वो ये judge करने की कोशिश करते हैं कि जिसकी उम्र 26 साल लिखी है वो 26 है कि छप्पन का है. नाम जिसका अंकित है वो अंकित है कि अंकिता है!

वो चेक करते हैं मैच करते हैं मेल, फीमेल और चेक करके वो अपने हिसाब से authorize कर देते हैं. कभी कभी वो आपसे आपका आईडी कार्ड भी मांग लेते हैं कि कहीं नाम जो टिकट के ऊपर डला है वो आपके पास है कि नहीं! पता चले किसी और के नाम पर आप सफर कर रहे हो। इस आधार पर वो आपको लपेट देते हैं.

तो ऐसी स्थिति में अगर मेरी टिकट गुम हो गई तो मैं क्या करूं? अगर मैं बिना पैसे, बिना टिकट लिए घुस गया तो मैं क्या करूं? मेरे पास टिकट नहीं है तो मैं क्या करूं? ये तमाम सवाल है जो रेल यात्रा के दौरान बनते हैं.

रेलवे की यात्रा जब हम करते हैं, काफी सारी यादें बनती हैं, बहुत सारे लोगों को यात्रा के दौरान प्यार हो जाता है. किसी खिड़की पे बैठा कोई दिख जाता है, कोई दिख जाती है और उस स्थिति में ये मनोहर दृश्य जो है वो लोगों को काफी ज्यादा रोमांचित कर देते हैं. लोगों को लगता है कि बस ये सफर कभी रुके ही ना, ना जाने कितनी फिल्में रेल यात्रा पर शूट कर दी गई हैं.

ना जाने कितनी बार शाहरुख खान ट्रेन की छत पर नाच लिया है. ना जाने कितनी ही बार एक्टर और विलन इसके ऊपर दौड़ कर के लड़ाई लड़ लिए हैं. इसलिए भारतीय रेलवे, भारतीय सिनेमा, भारतीय संस्कृति, भारतीय परिवारों से बहुत connected रही है।

मैं जैसे शहर में रहता हूँ. मुझे अपने निकटतम शहर में जाना है। मैं टिकट विंडो पर गया वहां लंबी लाइन लगी हुई थी. ट्रेन आने वाली थी. मेरे पास कोई विकल्प नहीं था. लेकिन मैंने देखा एक टिकट डिस्पेंसर मशीन खड़ी थी जिस पर दस रूपए डालो वो आपको प्लेटफार्म टिकट निकाल के तुरंत दे देती थी या फिर ऐसा भी संभव था कि मैं दो घंटे पहले भी गया था लाइन तब भी लंबी थी.

मैं टिकट डिस्पेंसर मशीन पर गया प्लेटफार्म टिकट तुरंत मिल रहा था मैंने प्लेटफार्म टिकट लिया और अपनी जेब में रख लिया। प्लेटफार्म टिकट तो प्लेटफार्म पर जाने के लिए होता है ना। आप में से कई लोग लोग, अच्छा प्लेटफार्म के लिए भी टिकट लगता है ये तो हमें पहली बार पता चला है.

लेकिन अगर आप किसी ट्रेन का टिकट लेना भूल जाएं और उस ट्रेन में अनारक्षित डिब्बे आते हों यानी सामान्य क्लास के डिब्बे आते हों तो आप उस प्लेटफार्म टिकट से भी यात्रा कर सकते हैं. अगर आप प्लेटफार्म टिकट लेकर भी ट्रेन के अंदर सफर करते हैं, अनारक्षित डिब्बे के अंदर यानी जिसमें reservation नहीं है तो उस डब्बे में बैठकर आप जा सकते हैं।

तो बोले इसका मतलब फिर तो बहुत ही बढ़िया है। मैं टिकट पे अस्सी सौ पचास रुपए क्यों खर्च करूं? दस रुपए में यात्रा कर लूंगा। फिर क्या करें? अब आप उस प्लेटफार्म टिकट के साथ तुरंत ट्रेन के टीटी के पास पहुंचे। जो टिकट चेकर आपके वहां present हैं और पहुंच कर उन्हें अपना टिकट दिखाएं कि सर मैं जल्दी में प्लेटफार्म टिकट लेकर चढ़ गया हूं.

यह प्रमाण इस बात का है कि मैं इस प्लेटफार्म से चढ़ा हूं क्योंकि ट्रेन तो हो सकता है बहुत दूरी से आ रही हो पता चले कि टीटी ये मान लें कि ट्रेन जहाँ से शुरू हुई है आप वहां से चढ़ गए हैं।

कुछ कलाकार सवाल कर सकते हैं दस रुपए भी क्यों खर्च करूं मैं तो चाहकर के टीटी से कह दूंगा कि साहब मैं तो यहीं से चढ़ा हूं. ऐसी स्थिति में टीटी अपने विवेक अधिकार का उपयोग लेकर आपको धमकाते हैं, क्या कहते हैं? आपसे ये कहते हैं कि चूँकि टिकट तो है नहीं आपके पास हम ये कैसे मान ले कि आप इसी प्लेटफार्म से चढ़े थे?

अब चूँकि ये मानने का अधिकार आपके पास केवल कहने के अलावा कुछ नहीं है, आप तरह-तरह के प्रमाण देंगे लेकिन टीटी ये कहेगा कि ये ट्रेन अभी से दस घंटे पहले जिस स्टेशन से चली थी, मैं तो वहाँ से distance करके आप पर जुर्माना लगाऊंगा। मतलब टिकट लगाऊंगा। साथ में जुर्माने के रूप में आपके ऊपर 250 रुपए मिनिमम लगाऊंगा।

इस प्रकार की बहस बाजी से बचने के लिए यदि आप प्लेटफार्म टिकट लेकर चलते हैं, अनारक्षित डिब्बे में हैं तो आपको केवल distance की यात्रा भर का किराया देना होगा कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी अर्थात वो 250 रुपए का फाइन आपको देना नहीं है।

आप अनारक्षित डिब्बे में बैठे हैं आप टीटी के पास जाएं और जाकर कहें कि सर मैं टिकट नहीं लाया। आजकल टीटी के पास में एक मशीन दे दी गई है। वो वहीं से निकालकर आपको टिकट दे सकते हैं। जरूरी नहीं है कि आपको अनारक्षित डिब्बे में सीट मिल जाए लेकिन आप ट्रैवल करने के भागीदार हो जाएंगे।

लेकिन मान लो coincidentally मैं टिकट ले जाना ही भूल गया. मैं जल्दबाजी में टिकट नहीं ले जा पाया तो क्या करूं। तो अब आपके पास में ये अधिकार तो नहीं है कहने का कि मैं इस स्टेशन से बैठा था.

तो टीटी के विवेक पर निर्भर करता है वो आपकी इंसानियत आपके व्यवहार को देखकर ये स्वीकार कर लें कि ठीक है आप इसी स्टेशन से चढ़े होंगे तो ऐसी स्थिति में जहाँ से आप चढ़े हैं उसे मानकर जहाँ तक आप जाएंगे उसका जो टिकट बनता है वो लिया जाएगा प्लस 250 रुपए अतिरिक्त लिए जाएंगे। इसलिए मैं आपसे कह रहा हूँ एक दस रुपए का प्लेटफार्म टिकट आपके बहुत बड़े खर्चे को बचा सकता है

मान लीजिए अगर मैं reserved डब्बे में घुस जाऊँ और मेरे पास में reserve के नाम पर केवल waiting लिस्ट का टिकट है जो मैंने window से लिया है. देखिए waiting भी दो प्रकार की होती है, एक waiting होती है जो आप ticket window से लेते हैं और एक waiting होती है जो आप ऑनलाइन लेते हैं.

ऑनलाइन waiting टिकट का कोई महत्व नहीं है क्योंकि वो अपने आप cancel हो जाती है. इस स्थिति में आप टीटी से तुरंत जाकर मिलिए क्योंकि टीटी आपको उस ट्रेन टिकट को confirm करने की हैसियत रखता है. बहुत से यात्री ऐसे होते हैं जो टिकट तो करा लेते हैं लेकिन वो सीट पर available नहीं होते यानी आते ही नहीं हैं या फिर ट्रेन छूट जाये तो ऐसी स्थिति में उस वेटिंग टिकट के बदले आपको वो सीट दिया जा सकता है।

अगर मान लीजिए मैंने टिकट reserve कराया, ट्रेन मुझसे छूट गई तो क्या करूं? आप उस स्टेशन के अगले दो स्टेशन तक अपनी ट्रेन को ज्वाइन कर सकते हैं. दो स्टेशन क्रॉस कर जाए फिर टीटी आपकी सीट को किसी थर्ड व्यक्ति को सबसे पहले जो आरएसी वाला व्यक्ति है, उसे वो कन्फर्म करके दे सकता है.

अब सबसे बड़ी बात अगर आपके पास कुछ भी नहीं है, तो मैं क्या करें? मेरे पास पैसे भी नहीं है, 250 रुपए भी नहीं है तो फिर आप रेलवे के कानून के दायरे में आ जाते हैं. तो वो क्या है? तो रेलवे की जो protection force है, आरपीएफ, वो आपको रेलवे अधिकारियों को सुपुर्द कर देगा।

चूँकि रेलवे सार्वजनिक संपत्ति है, उसको लेकर कुछ कानून बने हुए हैं, उन धाराओं के तहत आप पर कार्यवाही की जाएगी, अर्थात आपको गिरफ्तार करके धारा 147 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा और मजिस्ट्रेट आपके ऊपर या तो हजार रुपए का जुर्माना लगाएगा या फिर अगर आपके पास धन नहीं है तो वो आपको 6 महीने के लिए जेल भी भेज सकता है।

याद रखिएगा नशे में ट्रेन में यात्रा करना, विशेष रूप से ट्रेन में शराब पीना एक गंभीर मामला है। जिसमें टीटी आपको पुलिस फोर्स की मदद से ट्रेन से उतार सकता है। 500 रुपए का penalty लगा सकता है। 6 महीने की कैद करने के लिए भी पुलिस फोर्स को बोल सकता है। ऐसी स्थिति में कृपया करके शराब पीकर ट्रेन में यात्रा ना करें।

रेलवे के अंदर बकायदा कानून है। रेलवे अपने रेलवे एक्ट से चलता है। जिसमें हर चीज का provision है। जैसे travelling without proper टिकट अगर आपके पास टिकट नहीं है तो सेक्शन 148 रेलवे एक्ट कानून आप पर apply होता है. जिसमें 250 रुपए और equivalent का फाइन आप पर लगता है और साथ में जो distance आप travel कर रहे हैं, वो भी amount आपको देना होता है।

यदि आप गलत तरीके से यात्रा कर रहे हैं, fraud हैं, 147 आपके ऊपर लगता है और इसके अंदर 1000 रुपए आपके ऊपर जुर्माना लग सकता है और पनिशमेंट के रूप में 6 महीने का कारावास भी दिया जा सकता है।

आपने अगर चैन पुल की है तो सेक्शन 147 रेलवे एक्ट का आप पर लगता है. जिसके तहत आप पर 12 महीने की जेल या 1000 रुपए फाइन या दोनों लग सकते हैं।

ऐसे ही आप किसी कोच में एंट्री कर रहे हैं जो कि दिव्यांग जनों के लिए आरक्षित है तो उस स्थिति में सेक्शन 155 clause one रेलवे एक्ट आप पर लगता है. जिसमें 3 महीने का जेल और 500 सौ रुपए का fine या दोनों दिए जा सकते हैं।

ट्रेन की छत पर अगर आप सफर कर रहे हैं तो सेक्शन 156 रेलवे act आप पर लगता है. जिसके चलते 3 महीने की जेल या 500 सौ रुपए का जुर्माना या दोनों दिए जा सकते हैं.

आप अगर पटरी क्रॉस कर रहे हैं बीच में से तो रेलवे पुलिस आपको रोक सकती है और सेक्शन 147 रेलवे एक्ट के तहत आपको 6 महीने की जेल या एक हजार रुपए जुर्माना या दोनों दिया जा सकता है.

आप बदतमीजी कर रहे हैं, बहुत ज्यादा बदमाशियां कर रहे हैं तो सेक्शन 145 बी रेलवे act लगता है. जिसमें पहली बार में 100 रुपए का fine बाद में 250 और एक महीने का जेल भी हो सकता है.

आप सोचिए किस प्रकार से आपके ऊपर, यहाँ पर एक रेल यात्री होने के नाम पर जिम्मेदारियां हैं और उन जिम्मेदारियों का निर्वहन ना करने पर सारी धाराएं already written हैं। इसका कुल मिलाकर मतलब ये निकला कि रेल में जैसे ही आप एंट्री करते हैं, रेल premises में आप जैसे ही एंट्री करते हैं, आप रेलवे के कानूनों को मानने के लिए बाध्य हो जाते हैं और रेलवे के कानून की आपने अवमानना की तो आपके ऊपर जुर्माने का प्रावधान रेलवे एक्ट देता है.

अब सवाल बनता है कि अगर कोई emergency की स्थिति आ गई और मैं ट्रेन में उस समय बैठकर यात्रा कर सकता हूँ क्या? देखिए अगर आपके पास ट्रेन का टिकट नहीं है तो सबसे आसान तरीका जो आज तक आप करते हुए आए हैं टीटी से मिलना। अब वो टीटी से मिलना बोले तो पहले भी मिलते थे, उसको सौ रुपए पकड़ाते थे, फिर वो हमको कहता था, ठीक है, बैठ जाओ, नहीं।

अब सरकार ने इससे बचने के लिए एक तरीका ईजाद किया है। अब अधिकृत रूप से टीटी से मिल सकते हैं। जैसे ही बिना टिकट अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो उन्हीं से मिलकर उनके पास में अब एक मशीन हाथ में दे दी गई है जिससे वो ट्रेन में भी टिकट जारी कर सकता है। पहले टिकट window पर मिलता था।

लेकिन आप जैसे जो लोग हैं जो emergency का शिकार हैं। उनके लिए अब टीटी को भी power दे दी गई है कि वो ticket आपको allot कर सके। हाँ, वो बात दूसरी है कि वो 250 रुपए का जुर्माना जरूर वसूलेगा। लेकिन आपको ticket उपलब्ध करा देगा। ये आजकल एचएचएम electronic मशीन जो सब टीटी के हाथ में दे दी गई है.

अगर आपका waiting list clear नहीं हुई तो भी आप टीटी के पास जाकर बोल सकते हैं. अगर मान लो, टीटी जबरदस्ती मुझसे घुस मांग रहा है, तो क्या करें? तो मैं ये आपको बोल रहा हूँ, आप रेलवे department को लेटर लिख सकते हैं। रेलवे पुलिस से 155, 210 नंबर पर कॉल या मैसेज करके आप शिकायत कर सकते हैं। ये नंबर आप लिख लीजिए। तीसरा, इंडियन रेलवे के पोर्टल पर भी बात कर सकते हैं.

गूगल प्ले स्टोर से इंडियन रेलवे का app डाउनलोड कर उस पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, तो ऐसी स्थिति में टीटी की बदसलूकी पर शिकायत का प्रावधान है.

अगर मान लो टीटी जो है मुझे कूट-पीट दे तो क्या करें? तो ऐसी स्थिति में आप टिकट की उसकी वीडियो बनाकर शिकायत कर सकते हैं.

मैं किसी और डेट का टिकट करा लिया, दूसरे दिन जा सकता हूँ क्या? नहीं जा सकते, आपको without टिकट treat किया जाएगा।

ट्रेन की टिकट कैंसिल ना हो और ट्रेन ही कैंसिल हो जाए तो पैसा refund हो जाता है क्या? लेकिन window ticket ली है तो आपको ticket deposit receipt यानी टीडीआर फाइल करनी होती है। इससे आपका पैसा वापस मिल जाता है.

बच्चों के लिए टिकट का क्या प्रावधान है? यदि बच्चा एक से चार वर्ष का है तो चाइल्ड बर्थ और नो बर्थ दोनों ऑप्शन आते हैं। अगर आप सीट नहीं लेंगे तो बच्चा फ्री में यात्रा करेगा। लेकिन आपने सीट ली है तो पूरा चार्ज देना होगा। अगर पांच से ग्यारह साल का बच्चा है आपने बर्थ ली है तो बर्थ की स्थिति में आपको पूरा चार्ज देना होगा और अगर आपने बर्थ उसके लिए अलॉट नहीं भी करवाई है तो भी आधा टिकट का किराया देना होगा। बारह साल से ऊपर के बच्चों के लिए पूरा टिकट देने योग्य होता है।

अगर कॉम्पिटिटिव एग्जाम देने जा रहा हूं तो उसके लिए प्रावधान क्या है? इस स्थिति में क्या करना होता है? सरकार ने बहुत सारे प्रावधान इसमें दिए हुए हैं. पढ़ाई के लिए छात्र अगर जनरल क्लास से यात्रा करते हैं तो जो मासिक पास बनता है उस पे पचास परसेंट की छूट है। एससी एसटी के स्टूडेंट्स के लिए पचहत्तर परसेंट की छूट है।

सरकारी छात्र जो स्कूलों में पढ़ रहे हैं, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए स्टडी टूर पर अगर जा रहे हैं तो साल में एक बार पचहत्तर परसेंट की छूट दी जाएगी और इंजीनियरिंग के प्रवेश परीक्षा के लिए अगर परीक्षा देने जा रहे हैं तो पचहत्तर परसेंट की छूट दी जाएगी।

यूपीएससी और केंद्र की परीक्षाओं के लिए अगर आप पेपर देने जा रहे हैं, mains का exam देने जा रहे हैं तो पचास percent की छूट दी जाएगी। पैंतीस वर्ष तक की आयु में आप research कर रहे हैं तो पचास percent की छूट यात्रा पर दी जाएगी। सरकारी नौकरी के लिए interview देने जा रहे हैं तो पचास percent की छूट दी जाएगी।

national integration camp में हिस्सा लेने जा रहे हैं तो चालीस से पचास percent तक की छूट दी जाएगी। याद रखें ये छूट एमएसटी पर भी यानी कि monthly और seasonal टिकट बनाते हैं उस पर भी लागू होती है।

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ट्रेन में गंदे टिकट और बेडशीट आ जाए तो क्या करें? 139 नंबर है जिस पर आप खराब सर्विस की शिकायत कर सकते हैं। मौजूदा attendant के पास एक डायरी होती है उसमें भी आप लिख सकते हैं। रेल मदद ऐप पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा आप ई-रेल हेल्प पर अपनी शिकायत दर्ज करके छप्पन एक सौ इकसठ पर भी भेज सकते हैं।

अब एक important बात जो सबको बहुत ज्यादा जानना जरूरी है. Sometimes आप रेल की यात्रा कर रहे हैं, train में चढ़े हुए हैं तो आपको दस बजे से पहले आप train में चढ़ गए थे. आप ट्रेन में सो चुके हैं और अचानक आपको पता चलता है कि टीटी आपको लाइट जलाकर जगाकर ट्रेन का टिकट check करता है, वो नहीं कर सकता।

रात दस बजे से सुबह छह बजे के बीच में ट्रेन टीटी आपका टिकट चेक नहीं कर सकता। लेकिन कई बार तो आता है रात को टिकट चेक करने, वो तब आता है जब आपने ट्रेन में एंट्री दस बजे के बाद के स्टेशन से की हो. मान लीजिए रात बारह बजे ही आपका स्टेशन आया है तो आपने फिर एंट्री की है तो फिर रात को आकर वो टिकट चेक करता है.

अगर आप यात्रा कर रहे हैं और आपको ट्रेन की middle birth allot हुई है. क्या आप दिन के समय middle birth को खोलकर उस पर सो सकते हैं, जवाब है जी नहीं। रात को दस बजे से लेकर सुबह छह बजे तक ही middle birth वाला यात्री birth खोल सकता है. otherwise आप उसे बंद करा सकते हैं. अगर बंद ना करें तो तो आपकी ट्रेन में ही आरपीएफ चल रही होती है.

आप उससे शिकायत करके उस birth को close करा सकते हैं। नाईट के समय सभी लाइट बंद करना होगा। रात के समय अगर कोई यात्री तेज आवाज में गाने बजा रहा है तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं। शांति के साथ यात्रा करना आपका अधिकार है। ट्रेन की ये सारी चीजें अगर आपको पहली बार पता चली हो तो जरूर मुझे कमेंट करके बताइएगा।

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