- पीके की जमीनी सक्रियता, बांकीपुर है बीजेपी का मजबूत गढ़.
बिहार की बांकीपुर सीट पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है. इस सीट से अगर किसी उम्मीदवार की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है तो वह हैं जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, क्योंकि यह पहली बार होगा जब प्रशांत किशोर सक्रिय राजनीति में आने के बाद चुनाव लड़ेंगे. इसके लिए वह 13 जुलाई को नामांकन दाखिल करेंगे. बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को वोटों की गिनती होगी.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा चले जाने से यह सीट खाली हुई है. उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. हालांकि प्रशांत किशोर ने तब चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. उन्होंने तर्क दिया था कि यह फैसला उनकी पार्टी का था ताकि वह अन्य सीटों पर प्रचार पर ध्यान केंद्रित कर सकें.
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पीके 13 जुलाई को नामांकन दाखिल करेंगे
रिपोर्ट के मुताबिक, पीके 13 जुलाई को सुबह 11 बजे पटना समाहरणालय में नामांकन दाखिल करेंगे. उनके मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. पटना जिले की इस हाई प्रोफाइल सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है. बांकीपुर सीट से प्रशांत किशोर के अलावा राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता, बीजेपी के अभिषेक कुमार सिन्हा और तेज प्रताप की पार्टी जनशक्ति जनता दल से वीणा मानवी भी मैदान में हैं.
पीके बांकीपुर में जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे
गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की औपचारिक घोषणा से कुछ हफ्ते पहले प्रशांत किशोर बांकीपुर में जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे. यहां बड़ी रैलियां आयोजित करने की अपनी पुरानी शैली से हटकर, पीके ने पिछले कुछ हफ्तों में बांकीपुर के इलाकों में चुपचाप छोटे पैमाने पर सार्वजनिक बैठकें और टाउन हॉल बैठकें की थीं। ऐसे में उन्हें भरोसा है कि जमीनी स्तर पर जनता तक पहुंचने से उन्हें फायदा होगा.
1995 से यहां बीजेपी का कब्जा है
आपको बता दें कि यह सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है. 1995 से लेकर आज तक (पहले पटना पश्चिम, अब बांकीपुर) इस सीट पर बीजेपी जीतती आ रही है. पार्टी के अनुभवी नेता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा इस सीट से चार बार जीत चुके हैं. नवीन किशोर के बाद उनके बेटे और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पांच बार जीत चुके हैं. यही वजह है कि बीजेपी इस सीट से अपनी जीत का दावा कर रही है और पीके के चुनाव लड़ने के फैसले को बड़ी गलती बता रही है.
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